MP Vidhansabha chunav : राजा या रंक, जनता किसके संग ?

Estimated read time 1 min read
Spread the love

MP Vidhansabha chunav : राजा या रंक, जनता किसके संग ?

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने क्या गजब का पैंतरा अपनाया है बता दें कि कांग्रेस ने सिरमौर विधानसभा में युवराज को टक्कर देते हुए एक गरीब और पिछड़े आदिवासी को चुनावी मैदान में उतारा है।

वर्तमान में यहां पिछले 10 वर्षों से रीवा राज परिवार से ताल्लुक रखने वाले युवराज दिव्यराज सिंह बीजेपी से विधायक है। वही 2023 के विधानसभा चुनाव के लिए युवराज को फिर से बीजेपी की ओर से टिकट मिला है। इसी विधानसभा में कांग्रेस ने क्रांतिकारी रणनीति अपनाते हुए सामान्य सीट पर एक आदिवासी को उतारा है।

क्या है रामगरीब वनवासी का राजनितिक इतिहास?

रामगरीब आखिरी बार 2008 में बीएसपी के टिकट पर त्योंथर विधानसभा से विधायक बने थे वही 2013 के चुनाव में जनता ने इनसे नाखुश होकर इन्हें तीसरे नंबर पर पहुंचा दिया इसके बाद यह 2018 के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर सिरमौर से चुनावी मैदान में उतरे थे जिसमें इन्होंने तीसरा स्थान ग्रहण किया था। 2023 में अब यह कांग्रेस के प्रत्याशि के रूप में चुनावी मैदान में उतरे हैं।

रामगरीब ने वर्ष 2008 में तत्कालीन मंत्री स्वर्गीय रमाकांत तिवारी को त्योंथर के चुनाव में हरा दिया था इस बात से कमलनाथ इनके मुरीद है इसलिए कमलनाथ ने बड़े-बड़े धन्ना सेठों की जगह एक गरीब आदिवासी पर दाव चलाया है।

युवराज का ख़ास इतिहास

2023 के विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की ओर से प्रत्याशी युवराज दिव्यराज सिंह ने 2008 के विधानसभा चुनाव में विंध्य के सफेद शेर एवं गद्दार नेता पंडित श्रीनिवास तिवारी को पछाड़ा था, वही 2013 में पंडित श्रीनिवास तिवारी के नाती विवेक तिवारी को और 2018 में विवेक तिवारी की पत्नी अरुणा तिवारी को हराया था लगातार कांग्रेस की हार के बाद यहां पिछले 10 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी का राज है।

Also read : SIRMOUR VIDHANSABHA 68 : कहानी कांग्रेस के नेताओ की ! जानिए अंतिम बार कौन था विधायक

अन्य खबरे

यह भी पढ़े

+ There are no comments

Add yours